छत्तीसगढ़ नक्सलमुक्त की ओर बढ़ते कदम शांति,सुरक्षा और विकास का नया युग-गुलशन सिन्हा - MBNEWS

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Friday, April 3, 2026

छत्तीसगढ़ नक्सलमुक्त की ओर बढ़ते कदम शांति,सुरक्षा और विकास का नया युग-गुलशन सिन्हा

गरियाबंद /छूरा - छत्तीसगढ़ आज शांति,सुरक्षा और समग्र विकास की दिशा में एक नई पहचान गढ़ रहा है। वर्षों तक नक्सलवाद की चुनौती से जूझते रहे इस प्रदेश में अब व्यापक और सकारात्मक परिवर्तन स्पष्ट रूप से दिखाई देने लगे हैं।केंद्र और राज्य सरकार के दृढ़ संकल्प,सुरक्षा बलों के अदम्य साहस, सुनियोजित रणनीति और स्थानीय जनता की सक्रिय भागीदारी के परिणामस्वरूप नक्सल गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित हुआ है।इसके साथ ही प्रशासन और जनता के बीच विश्वास का सेतु भी मजबूत हुआ है।जो स्थायी शांति की आधारशिला है।विशेष रूप से बस्तर संभाग, जो कभी नक्सल प्रभावित क्षेत्र के रूप में देशभर में चर्चित था।आज विकास की मुख्यधारा से तेजी से जुड़ता हुआ नजर आ रहा है।जहां पहले भय और असुरक्षा का वातावरण था।वहीं अब शिक्षा,स्वास्थ्य,सड़क और संचार जैसी मूलभूत सुविधाओं का तेजी से विस्तार हो रहा है।दूरस्थ वनांचल क्षेत्रों तक सड़कों का निर्माण न केवल आवागमन को सुगम बना रहा है।बल्कि आर्थिक गतिविधियों को भी नई दिशा दे रहा है।शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में उल्लेखनीय सुधार देखने को मिल रहे हैं।स्कूलों,कॉलेजों, अस्पतालों और आंगनबाड़ी केंद्रों की संख्या और गुणवत्ता में वृद्धि से आमजन के जीवन स्तर में सकारात्मक परिवर्तन आया है। वहीं सरकारी योजनाओं का लाभ अब अंतिम व्यक्ति तक पहुंच रहा है।जिससे सामाजिक और आर्थिक समानता को बल मिला है।वन क्षेत्रों में रहने वाले आदिवासी समुदायों को अधिकार और सुविधाएं प्रदान करने के साथ-साथ उन्हें मुख्यधारा से जोड़ने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं।स्वरोजगार, कौशल विकास और लघु उद्योगों को प्रोत्साहन मिलने से स्थानीय युवाओं को अपने ही क्षेत्र में रोजगार के अवसर मिल रहे हैं। इससे न केवल पलायन में कमी आई है।बल्कि आत्मनिर्भरता की भावना भी सशक्त हुई है।प्रदेश में बढ़ती शांति और सुरक्षा ने निवेश और औद्योगिक विकास को नई गति दी है। निजी और सरकारी निवेश में वृद्धि से नए उद्योग स्थापित हो रहे हैं।जिससे रोजगार के अवसरों का विस्तार हो रहा है।साथ ही,बस्तर क्षेत्र की प्राकृतिक सुंदरता और समृद्ध सांस्कृतिक विरासत अब पर्यटन के क्षेत्र में नई संभावनाएं खोल रही है।जो राज्य की अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करने में सहायक है।डिजिटल सेवाओं के विस्तार और सुशासन की पहल ने भी आमजन के जीवन को सरल बनाया है। ग्रामीण क्षेत्रों में ऑनलाइन सेवाओं, बैंकिंग सुविधाओं और सरकारी योजनाओं की जानकारी अब आसानी से उपलब्ध हो रही है। इससे पारदर्शिता बढ़ी है और भ्रष्टाचार पर प्रभावी अंकुश लगाने में मदद मिली है।आज का छत्तीसगढ़ आत्मविश्वास, आत्मनिर्भरता और समृद्धि की ओर दृढ़ता से अग्रसर है। यह परिवर्तन केवल सरकारी प्रयासों का परिणाम नहीं,बल्कि प्रदेश के हर नागरिक की सहभागिता और सहयोग का प्रतिफल है।अब समय है कि हम सभी इस सकारात्मक परिवर्तन के सहभागी बनें और शांति,सुरक्षा एवं विकास से सशक्त, समृद्ध और नक्सलमुक्त छत्तीसगढ़ के निर्माण में अपना सक्रिय योगदान दें। सामूहिक प्रयासों से ही एक सुरक्षित, विकसित और खुशहाल भविष्य का निर्माण संभव है।