गरियाबंद /राजिम /कोपरा- संसार मे जब-जब धर्म की हानि होती है और पाप के भार से धरती व्याकुल होने लगती है तब-तब भगवान धर्म की रक्षा के लिए विविध अवतार धारण कर आते है और धर्म की स्थापना कर भक्तों को सुख प्रदान करते है उक्त बातें अंचल के ग्राम कपसीडीह में चेला समिति एवं समस्त ग्रामवासियों के सहयोग से आयोजित श्रीमद्भागवत महापुराण के चतुर्थ दिवस में भगवताचार्य पं पुष्कर प्रसाद तिवारी लोहरसी वाले ने कही।
उन्होंने समुद्र मंथन कथा का विस्तार से वर्णन करते हुए आगे कहा कि समुद्र मंथन से चौदह रत्नों के साथ अमृत की भी प्राप्ति हुई किंतु सबसे पहले हलाहल विष निकला जिसके प्रभाव से समस्त ब्रहांड व्याकुल हो उठा तब भगवान शिव ने उस हलाहल विष का पान कर संसार का रक्षा किया।वामन अवतार की कथा बताते हुए महाराज जी ने कहा कि भगवान ने जगत के हित के लिए वामन का अवतार धारण किया और राक्षस राज बलि के द्वारा जाकर तीन पग भूमि माँगा।एक पाँव से समस्त धरती,दूसरे पाँव से पूरा ब्रम्हांड माप लिया।तीसरे पाँव बलि के सिर पर रखकर उसका उद्धार किया।कथा सुनने के लिए बड़ी संख्या में ग्राम एवं क्षेत्रवासी उमड़ रहे है।जिनमे प्रमुख रूप से माधोराम साहू,केशो तारक,छन्नू राम ध्रुव,अशोक गोस्वामी,विरेन्द्र साहू,नंदकुमार साहू,परदेशी साहू,हरख ध्रुव,नेमु तारक,मनोज तारक, तुलाराम साहू,कीर्ति साहू,सकून साहू,तुलसी साहू सहित बड़ी संख्या में स्रोता समाज उपस्थित रहे।कार्यक्रम को सफल बनाने में चेला समिति के उत्तम सिंह ठाकुर,खुमान तारक,दौलत साहू,शेखन साहू,होमनयादव,गेंदराम साहू,कुम्भकरन तारक सहित सभी सदस्य एवं ग्रामवासी जूटे हुए है।युवा कवि एवं साहित्यकार विरेन्द्र सिंह ठाकुर ने बताया कि कार्यक्रम 22 दिसम्बर से प्रारंभ हुआ है जो 30 दिसम्बर तक चलेगा।इस भक्ति कार्यक्रम में भक्त गण कथा का रस पान कर रहें हैं।Saturday, December 27, 2025
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धर्म की रक्षा के लिए भगवान लेते है अनेक अवतार - पं.पुष्कर प्रसाद तिवारी
धर्म की रक्षा के लिए भगवान लेते है अनेक अवतार - पं.पुष्कर प्रसाद तिवारी
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