करंट लगने से युवक की मौत,पाण्डुका स्वास्थ्य केंद्र में डॉक्टर नहीं मिलने पर लोगों में आक्रोश - MBNEWS

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Friday, May 29, 2026

करंट लगने से युवक की मौत,पाण्डुका स्वास्थ्य केंद्र में डॉक्टर नहीं मिलने पर लोगों में आक्रोश

 



सीसी रोड निर्माण कार्य के दौरान करंट लगने से युवक की मौत,पाण्डुका स्वास्थ्य केंद्र में डॉक्टर नहीं मिलने पर लोगों में आक्रोश

0 पाण्डुका से राजिम अस्पताल एंबुलेंस से लेजाते समय बारोंडा के पास मौत।

0 जल संसाधन विभाग में दो दिन में दो बड़ी घटना तीन मौते

 गरियाबंद / पाण्डुका / जिला जल संसाधन विभाग पाण्डुका के अंतर्गत चल रहे सीसी रोड निर्माण कार्य के दौरान एक दर्दनाक हादसे में करंट लगने से युवक घायल हुआ।बताया जा रहा है कि घायल युवक योगेंद्र पटेल को उसके दोस्त पप्पू साहू एवम डोमार तारक, भोला वर्मा के द्वारा मोटर सायकिल तत्काल

उपचार के लिए पाण्डुका स्वास्थ्य केंद्र लेकर पहुंचे।लेकिन वहां एक भी डॉक्टर मौजूद नहीं थें।जिसके कारण समय पर इलाज नहीं हो सका। और योगेंद्र पटेल का राजिम ले जाते समय मौत हो गया।पाण्डुका स्वास्थ्य विभाग प्रभारी विवेक सिंग ने बताया कि इस समय डिप्टी में स्वास्थ केंद्र पर चंद्रकला चौरे थीं।घटना सुबह 8 से 9 बजे की हैं। जल संसाधन विभाग पाण्डुका का हैं।जल संसाधन विभाग के अधिकारियों एवम ठेकादरों के मिली भगत से निर्माण कार्य में गुणवक्ता हीन निर्माण किया जा राह हैं।पांडुका जल संसाधन विभाग सीसी रोड निर्माण कार्य करवा जा राह था।निर्माण कार्य के दौरान अचानक बिजली तार की चपेट में आने से एक युवक गंभीर रूप से घायल हो गया।हादसा इतना गंभीर था कि युवक जमीन पर गिर पड़ा और मौके पर अफरा-तफरी मच गई। वहां मौजूद मजदूरों और उसके दोस्तों ने तत्काल उसे उठाकर पाण्डुका स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया।

परिजनों और स्थानीय लोगों का आरोप है कि स्वास्थ्य केंद्र में उस समय कोई डॉक्टर मौजूद नहीं था। घायल युवक को प्राथमिक उपचार तक नहीं मिल पाया। काफी देर तक डॉक्टरों का इंतजार किया गया लेकिन समय पर चिकित्सा सुविधा नहीं मिलने के कारण युवक की हालत बिगड़ती देख। राजिम अस्पताल लेकर जा रहे थे।लेकिन रास्ते में ही युवक ने दम तोड़ दिया।

घटना के बाद मृतक के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। गांव में मातम का माहौल बना हुआ है। स्थानीय लोगों ने स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही पर सवाल उठाते हुए कहा कि यदि समय पर डॉक्टर उपलब्ध रहते और उचित इलाज मिल जाता तो युवक की जान बचाई जा सकती थी।ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि निर्माण कार्य के दौरान सुरक्षा मानकों का पालन नहीं किया जा रहा था। खुले बिजली तार और सुरक्षा उपकरणों की कमी के कारण मजदूरों की जान खतरे में बनी रहती है। लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि निर्माण कार्य में लापरवाही बरतने वाले जिम्मेदार अधिकारियों और ठेकेदार के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए। राजिम अस्पताल में डाक्टरों एवम नागरिकों के उपस्थिति में पुलिस द्वारा पंचनामा कार्रवाई के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया।उसके बाद परिजनों को सौंपा गया।