कर्पूरेश्वरनाथ महादेव मंदिर में गुंजा हर हर महादेव - MBNEWS

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Sunday, July 20, 2025

कर्पूरेश्वरनाथ महादेव मंदिर में गुंजा हर हर महादेव

 


कोपरा नगर में सावन पर भक्तों का मंदिरों में मेला

पंचकोशी धाम कोपरा प्रमुख तीर्थ स्थल हैं।

गरियाबंद/ राजिम/कोपरा : - सावन के पवित्र महीना में हर सोमवार को पंचकोशी धाम कोपरा के कर्पूरेश्वरनाथ महादेव श्रद्धालुओं से मंदिर गुलजार हो रहा हैं।सुबह से ही भक्तों की भीड़ महादेव कोपेश्वर नाथ जो कोपरा नगर के शमशान घाट में स्थित हैं।पंचकोशी यात्रा में जनवरी माह में भी यात्रियों की टोली भारी भीड़ के साथ महादेव के दरबार पहुंचते हैं कोपेश्वर महादेव का दर्शन करने से जीवन धन्य होता हैं।यह महादेव कपूर के समान गोरा हैं।बताना जरूरी है कि सोमवार को भक्त गण हर हर महादेव के जय घोष करते हुए मंदिर पहुंच रहे हैं।गरियाबंद अंचल सहित आस पास क्षेत्र से भिनभक्त गण दर्शन के लिए

पहुंच रहें हैं।जहां शिव है वही जीव है शिव के धाम जाने के लिए यदि तकलीफ मिले तो हम उसे सहन कर लेंगे और भोलेनाथ का धाम हम जरूर पहुंचेंगे ऐसे भक्तों का कहना हैं।भक्त गण स्नान के बाद भी कर्पूरेश्वरनाथ महादेव ने जलाभिषेक कर रहें हैं।भक्त गण बिल्वपत्र धतूरा कनेर एवं नारियल चढ़ा पूजन आरती कर सावन माह में परिवार की खुशहाली के लिए भी
कामना कर रहें हैं।मंदिर प्रांगण में सोमवार को हर हर महादेव का जयघोष से गूंजता हैं।कोपरा शिव का धाम है।यहां आने के बाद श्रद्धालु अपने आपको प्रसन्न पाते हैं।कमल की पांच पंखुड़ी पर यह पंचकोशी धाम स्थित हैं।उसमें से एक प्रमुख धाम
कोपेश्वर महादेव हैं।कोपेश्वर मंदिर संचालन समिति के अध्यक्ष मुन्नालाल देवदास ने कहा कि यहां का शिवलिंग कपूर के समान उज्जवल है।भगवान भोलेनाथ को कर्पूरगौरम शब्दों के साथ स्मरण किया जाता है। वैसे भी इस नगर की स्थापना भगवान भोलेनाथ के डमरु के आकार पर हुआ है।पंचकोशी पीठाधीश्वर सिद्धेश्वरानंद महाराज के नेतृत्व में पंचकोशी यात्री हर साल कोपरा नगर पहुंचते हैं।महाराज खिलेश्वर गोस्वामी ने बताया कि सावन के महीने में सोमवार के व्रत बहुत खास माने जाते हैं।कहते हैं कि भगवान शंकर प्रसन्न होने पर मनवांछित फल देते हैं।ऐसा भी कहा जाता हैं कि सावन में भगवान शिव और माता पार्वती धारती पर आकार अपने भक्तों के कष्ट दूर करते हैं।सावन के ही महीने में भगवान शिव के लिए रुद्राभिषेक किया जाता हैं।अलग अलग चीजों से भगवान को रुद्राभिषेक करने अलग अलग फल मिलते हैं।इसके अलावा भक्त गण भगवान को बेलपत्र आदि अर्पित करते हैं।