गरियाबंद / राजिम। केंद्रीय बजट 2026 को लेकर भाजपा प्रदेश प्रवक्ता एवं गरियाबंद जिला संगठन प्रभारी अमित चिमनानी ने गुरुवार को राजिम विश्राम गृह में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस की। उन्होंने बजट की प्रमुख विशेषताओं और आंकड़ों को विस्तार से रखा। उन्होंने कहा कि यह बजट केंद्र सरकार की कल्याणकारी योजनाओं और विकास के दीर्घकालीन रोडमैप को स्पष्ट करता है, जिससे भारत 2047 तक विकसित राष्ट्र बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ेगा। उन्होंने प्रोजेक्टर के माध्यम से जानकारी भी दी 140 करोड़ भारतीयों के जीवन स्तर को ऊपर उठाने का ब्लू-प्रिंट
युवा और तकनीक : रोजगार का नया इंजन
उन्होंने बताया कि बजट में युवाओं के लिए रोजगार और कौशल विकास पर ऐतिहासिक फोकस किया गया है।
पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए 10 हजार युवाओं को टूरिस्ट गाइड के रूप में प्रशिक्षित किया जाएगा, जिससे 2047 तक 10 करोड़ विदेशी पर्यटकों को आकर्षित करने का लक्ष्य पूरा होगा। डाटा सेक्टर में निवेश बढ़ाने के लिए डाटा कंपनियों को 2047 तक शून्य टैक्स की सुविधा दी गई है।
नारी शक्ति : लखपति दीदी से एंटरप्रेन्योर दीदी
महिला सशक्तिकरण पर बोलते हुए चिमनानी ने कहा कि बजट में महिला कल्याण को केवल कर्ज तक सीमित नहीं रखा गया है। लखपति दीदी योजना का लक्ष्य 2 करोड़ से बढ़ाकर 5 करोड़ किया गया है। ‘शी-मार्ट’ के माध्यम से स्व-सहायता समूहों की महिलाओं को उनके उत्पादों की सीधी मार्केटिंग, ब्रांडिंग और वित्तीय सहायता दी जाएगी। हर जिले में कामकाजी और पढ़ने वाली महिलाओं के लिए महिला हॉस्टल खोले जाएंगे। महिला एवं बाल विकास मंत्रालय का बजट 16 प्रतिशत बढ़ाकर 28,183 करोड़ रुपए किया गया है। पिछले 5 वर्षों में वर्कफोर्स में महिलाओं की भागीदारी 70 प्रतिशत बढ़ी है, महिला नौकरी आवेदक 3 गुना और नौकरी पाने वाली महिलाएं 2 गुना बढ़ी हैं।
किसान और पशुपालक : उद्यमी बनने की दिशा में
उन्होंने कहा कि किसानों की आय बढ़ाने के लिए पशुपालन और मत्स्य पालन को मजबूत किया गया है।
पशुपालकों को लोन सब्सिडी दी जाएगी। मत्स्य पालन के लिए 500 बड़े तालाबों के निर्माण का प्रावधान किया गया है। कॉफी, अखरोट और बादाम किसानों के लिए विशेष योजनाएं लाई गई हैं, जिससे छोटे किसान भी एग्री-एंटरप्रेन्योर बन सकें।
व्यापारियों और मध्यम वर्ग को टैक्स राहत
व्यापार और कर सुधारों पर उन्होंने कहा कि विदेश यात्रा पर टीसीएस 5–20 प्रतिशत से घटाकर 2 प्रतिशत किया गया है। विदेश में पढ़ाई के लिए एजुकेशन लोन पर टीसीएस पूरी तरह समाप्त किया गया है। विदेश से लाए जाने वाले सामान की टैक्स-फ्री सीमा 50 हजार से बढ़ाकर 75 हजार रुपए की गई है। एमएसएमई सेक्टर के लिए 10 हजार करोड़ रुपए की विकास निधि घोषित की गई है। मिनिमम अल्टरनेटिव टैक्स घटाकर 14 प्रतिशत किया गया है। 7 सेक्टरों में 1 लाख करोड़ रुपए से अधिक के निवेश से भारत मैन्युफैक्चरिंग का ग्लोबल हब बनेगा।
स्वास्थ्य क्षेत्र में बड़ी राहत
स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए
40 हजार करोड़ रुपए से बायो-फार्मा हब का निर्माण किया जाएगा। कैंसर और डायबिटीज की दवाइयां सस्ती होंगी, गंभीर बीमारियों की दवाओं पर आयात शुल्क समाप्त किया गया है। 5 वर्षों में 1 लाख पैरामेडिकल स्टाफ को प्रशिक्षित करने के लिए 1 हजार करोड़ रुपए का प्रावधान है। 5 बड़े मेडिकल हब स्थापित किए जाएंगे।
जिला अस्पतालों में ट्रॉमा केयर की क्षमता 50 प्रतिशत तक बढ़ाई जाएगी। बुजुर्गों की देखभाल के लिए 1.5 लाख केयरटेकर उपलब्ध कराए जाएंगे।
छत्तीसगढ़ को मिली विशेष सौगात
सीए चिमनानी ने कहा कि छत्तीसगढ़ के लिए यह बजट अत्यंत लाभकारी है। छत्तीसगढ़, ओडिशा और केरल के लिए विशेष माइनिंग कॉरिडोर की घोषणा की गई है।
तेंदूपत्ता पर टीसीएस घटाकर 2 प्रतिशत करने से लाखों संग्राहकों को सीधा लाभ मिलेगा। रेलवे विकास के लिए छत्तीसगढ़ को 7,470 करोड़ रुपए मिले हैं, जो गोवा, दिल्ली, पंजाब, हरियाणा, हिमाचल, जम्मू-कश्मीर और उत्तराखंड से अधिक है।
कांग्रेस बनाम मोदी सरकार : बजट तुलना
उन्होंने आंकड़ों के साथ बताया कि—
कांग्रेस शासन में शिक्षा बजट 39 हजार करोड़ था, जो मोदी सरकार में 1.39 लाख करोड़ से अधिक हो गया।
रक्षा बजट 2.5 लाख करोड़ से बढ़कर 7.5 लाख करोड़ रुपए से अधिक हो चुका है। स्वास्थ्य बजट 38 हजार करोड़ से बढ़कर 1 लाख करोड़ से अधिक हुआ। किसानों का बजट 29 हजार करोड़ से बढ़कर 1.62 लाख करोड़ रुपए से ज्यादा हुआ। रेलवे बजट 29 हजार करोड़ से बढ़कर 2.81 लाख करोड़ रुपए पहुंचा। पूंजीगत व्यय 2 लाख करोड़ से बढ़कर 12.2 लाख करोड़ और राज्यों को सहायता 5 लाख करोड़ से बढ़कर 26.61 लाख करोड़ रुपए हो गई है।


